Ayatul Kursi in Hindi
आयतुल कुर्सी हिन्दी में
1. अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू
2. अल हय्युल क़य्यूम
3. ला तअ’खुज़ुहू सिनतुव वला नौम
4. लहू मा फिस सामावाति वमा फ़िल अर्ज़
5. मन ज़ल लज़ी यश फ़ऊ इन्दहू इल्ला बि इजनिह
6. यअलमु मा बैना अयदी हिम वमा खल्फहुम
7. वला युहीतूना बिशय इम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा..अ
8. वसिअ कुरसिय्यु हुस समावति वल अर्ज़
9. वला यऊ दुहू हिफ्ज़ुहुमा
10. वहुवल अलिय्युल अज़ीम
तर्जुमा | Ayatul Kursi Hindi Translation
1. अल्लाह जिसके सिवा कोई माबूद नहीं
2. वही हमेशा जिंदा और बाकी रहने वाला है
3. न उसको ऊंघ आती है न नींद
4. जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब उसी का है
5. कौन है जो बगैर उसकी इजाज़त के उसकी सिफारिश कर सके
6. वो उसे भी जनता है जो मख्लूकात के सामने है और उसे भी जो उन से ओझल है
7. बन्दे उसके इल्म का ज़रा भी इहाता नहीं कर सकते सिवाए उन बातों के इल्म के जो खुद अल्लाह देना चाहे
8. उसकी ( हुकूमत ) की कुर्सी ज़मीन और असमान को घेरे हुए है
9. ज़मीनों आसमान की हिफाज़त उसपर दुशवार नहीं
10. वह बहुत बलंद और अज़ीम ज़ात है
आयतुल कुर्सी क्या है?
आयतुल कुर्सी कुरान की सबसे महान आयत मानी जाती है। यह सूरह अल-बक़रह की आयत नंबर 255 है।
इस आयत की विशेषता क्या है?
- यह अल्लाह की ताकत, ज्ञान और हुकूमत को दर्शाती है।
- इसमें बताया गया है कि अल्लाह न सोते हैं, न थकते हैं।
- पूरी कायनात पर सिर्फ अल्लाह का ही कंट्रोल है।
आयतुल कुर्सी पढ़ने के फायदे:
- यह बुरी नजर से हिफाज़त करती है।
- जिन्नात और शैतान से बचाव होता है।
- दिल को सुकून और घर में बरकत आती है।
- हर नमाज़ के बाद पढ़ना बहुत फज़ीलत वाला है।
रोजमर्रा की ज़िंदगी में इसका इस्तेमाल:
- सोने से पहले पढ़ें, यह हिफाज़त करती है।
- घर से बाहर निकलते समय पढ़ें, अल्लाह की हिफाजत रहेगी।
- बच्चों को सिखाएं ताकि वह हमेशा अल्लाह की पनाह में रहें।
हदीसों में आयतुल कुर्सी का जिक्र:
पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया:
“जो शख्स हर फर्ज़ नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़े, उसके और जन्नत के बीच सिर्फ मौत का फासला रह जाता है।” (नसाई)
निष्कर्ष
आयतुल कुर्सी सिर्फ एक आयत नहीं, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच है। इसे अपनी रोज़ की ज़िन्दगी में शामिल करें और अल्लाह की रहमतें पाएं।
“अल्लाहु ला इला हा इल्ला हु…” – यह आयत दिल को तसल्ली देती है और रूह को सुकून।
